हिंदुत्व की मुखर छवि रहे भाजपा पार्षद विक्रांत गुप्ता ‘विक्की’ ने दिया पद से इस्तीफा, नगर राजनीति में मचा भारी भूचाल क्रॉस वोटिंग करने वालो पर कार्रवाई न होने और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर जताई नाराजगी

हिंदुत्व की मुखर छवि रहे भाजपा पार्षद विक्रांत गुप्ता ‘विक्की’ ने दिया पद से इस्तीफा, नगर राजनीति में मचा भारी भूचाल
क्रॉस वोटिंग करने वालो पर कार्रवाई न होने और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर जताई नाराजगी
राहुल गुप्ता दमोह
दमोह- नगर राजनीति में वुधवार उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब भाजपा के मागंज वार्ड क्रमांक 2 से निर्वाचित पार्षद और नगर पालिका अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी विक्रांत गुप्ता ‘विक्की’ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हिंदुत्व की मुखर पहचान और संगठन में सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाने वाले पार्षद विक्रांत का अचानक उठाया गया यह कदम भाजपा की स्थानीय राज नीति में गर्माहट पैदा कर गया है। विक्रांत गुप्ता ने जिला कलेक्टर को सौंपे त्यागपत्र में लिखा “मैं अपने वार्डवासियों के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपने पार्षद पद से त्यागपत्र देता हूँ। अपने निजी अधिकारों का उपयोग करते हुए विभिन्न कारणों से यह त्यागपत्र दे रहा हूँ। आशा है कि आप मेरी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए मेरे इस्तीफे को स्वीकार करेंगे।”
त्यागपत्र में ‘विभिन्न कारणों’ का उल्लेख किया गया है, लेकिन स्पष्ट कारण दर्ज नहीं है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इससे जुड़े कई सवाल और अटकलें तेजी से तैरने लगी हैं। खबरों के अनुसार, पार्षद गुप्ता ने अपने मीडिया से चर्चा में बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में 6 पार्षदों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग के बावजूद पार्टी ने आज तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि “क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई।” “चिंतन बैठक तक आयोजित नहीं की गई।”
यह स्थिति उन्हें अंदर ही अंदर विचलित करती रही।
पूर्व मंत्री के पुत्र पर भी लगाए गंभीर आरोप
विक्रांत गुप्ता का कहना है कि नगर पालिका चुनाव के दौरान पूर्व वित्त मंत्री तथा वर्तमान विधायक जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया ने नई पार्टी टीएसएम बनाकर चुनाव लड़ा था और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ कार्य किया था। इसके बावजूद सिद्धार्थ मलैया आज भी पार्टी के महत्वपूर्ण पदों और निर्णयों में सक्रिय बने हुए हैं।
पार्टी से नाराज, संपर्क करने पर नहीं मिली प्रतिक्रिया
इस्तीफा सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह कदम व्यक्तिगत कारणों के चलते उठाया गया या फिर संगठनात्मक असंतोष इसकी मुख्य वजह है?
विक्रांत गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया है।
नगर राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है इस्तीफा विक्रांत गुप्ता नगर में हिंदुत्व के मजबूत चेहरों में से एक रहे हैं और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। ऐसे में उनका इस्तीफा भाजपा के स्थानीय ढांचे में असंतोष और अंदरूनी खींचतान को उजागर करता नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो आने वाले दिनों में यह इस्तीफा भाजपा की स्थानीय राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। नगर में इस समय यही चर्चा जोर पर है क्या विक्रांत गुप्ता का यह कदम भविष्य के किसी बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा है, या फिर यह केवल संगठनात्मक निराशा का परिणाम? फिलहाल, दमोह की नगर राजनीति में इस इस्तीफे ने हलचल तेज कर दी है और इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभावों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




